एसोटेक हिल्स 30 माह में पूरी नहीं कर पाई पीएम आवास योजना के तहत पहला हाउसिंग प्रोजेक्ट, अब लॉकडाउन का कर रही है बहाना

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Ranchi: झारखंड में प्रधानमंत्री के नाम से जुड़ी योजना की विश्वसनीयता दांव में लगी हुई है. एसोटेक हिल्स  नाम की कंपनी को यहां 680 फ्लैट्स को 30 महिने में पूरा हो जाना चाहिए था. लेकिन अब इस प्रोजेक्ट  को 48 महिने पूरे होने जा रहा है. अभी भी यह हाउसिंग प्रोजेक्ट रांची में अधूरा है. बड़ी बात यह है कि एसोटेक हिल्स  का प्रोजेक्ट  रांची में 25 जनवरी 2017 में विवादों के साथ शुरू हुआ था और अब भी कई गंभीर आरोप लग रहे हैं. 

प्रोजेक्ट में देरी लॉकडाउन का बहाना

रांची के बोड़ेया में एसोटेक कंपनी 680 फ्लैट्स बना रही है. 25 जनवरी 2017 को शिलान्यास के दौरान कहा गया था कि 150 करोड़ की लागत से बन रहे प्रोजेक्ट  को 30 महिने में पूरा कर लिया जाएगा. अब कंपनी के डायरेक्टर संजीव श्रीवास्तव का कहना है कि लॉकडाउन में काम बंद होने की वजह से प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका. रांची में इसे अगले एक साल में पूरा कर लिया जाएगा. जबकि प्रोजेक्ट पूरा होने का तय समय लॉकडाउन शुरू होने के 9 माह पहले 26 जुलाई 2019 को ही पूरा हो गया था.

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एसोटेक कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप

कंपनी के पूर्व निदेशक मनोज श्रीवास्तव ने इसकी शिकायत रेरा से की थी. शिकायत की सुनवाई के बाद रेरा ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. वहीं, हाइकोर्ट के आदेश के आलोक में कंपनी द्वारा रांची में चलाये जा रहे दोनों प्रोजेक्ट भी अब जांच के दायरे में आ चुके हैं. दिल्ली हाइकोर्ट ने एसोटेक लिमिटेड की परिसंपत्तियों की बिक्री और ट्रांसफर पर रोक लगा रखी है. वहीं संजीव श्रीवास्तव ने रांची स्थित दोनों सहायक कंपनियां अपनी बेटियों के नाम ट्रांसफर कर दिया है. इधर कंपनी के पूर्व निदेशक ने झारखंड रेरा में इसकी शिकायत है. सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया.

एनजीटी ने रोका अनापत्ति प्रमाण पत्र

इधर एसोटेक समूह के संस्थापक संजय श्रीवास्तव ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया है कि मोरहाबादी टैगोर हिल रोड में बोड़ेया में कंपनी की ओर से जल्द ही एसोटेक हिल्स परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा. इस मामले में कहीं से भी ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी और विश्वास के संकट की गुंजाइश नहीं है. कंपनी 34 साल से झारखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों में निर्माण कार्य से जुड़ी हुई है और वर्ष 2017 में रांची में संपन्न मोमेंटम झारखंड में आवास विभाग के साथ करार एवं एमओयू के बाद एसोटेक हिल्स नाम से हाउसिंग प्रोजेक्ट आरंभ किया गया था. इसमें लोगों को आवासीय भवन निर्माण कर दिया जाना है.

उन्होंने बताया कि झारखंड में रेरा और बिल्डिंग प्लान सेक्शन नंबर के साथ पंजीकृत परियोजना में एएआई और अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिला हुआ है. इसके ग्राहकों को विभिन्न बैंकों से होम लोन भी मिला है. इसके बावजूद परियोजना को गलत बताया जा रहा है. कंपनी के पूर्व कर्मचारी-निदेशक रहे और धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुके मनोज श्रीवास्तव के हवाले से इस परियोजना के संबंध में भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, जो गलत है. एनजीटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने की वजह से एसोटेक हिल्स समेत सरकार की एवं 56 से अधिक परियोजनाओं का काम बंद है. क्रेडाई इस मामले को झारखंड उच्च न्यायालय ले गया है. वर्तमान में फेज एक और दो का काम चल रहा है. उन्होंने दावा किया कि कंपनी प्रस्तावति हाउसिंग प्रोजेक्ट को जल्द पूरा कर लोगों के अपना घर के सपने को साकार करेगी.

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कंपनी ने कहा था फ्लैट रजिस्ट्रेशन एलॉटमेंट की गारंटी नहीं

एसोटेक हिल्‍स प्रोजेक्‍ट के बुकिंग के लिए शुरूआती रजिस्‍ट्रेशन ही ग्राहकों को अंधेरे में रखकर की गई थी.  इसके लिए 25 हजार रुपये से 75 हजार रुपये तक वसूले गए. तब कंपनी की ओर से ग्राहकों को बताया कि यह बुकिंग नहीं है, यह बैंकिंग प्रोसेस का फी है. अभी इसके जरिये लोगों से दस्‍तावेज ले रहे है, इसमें यह तय किया जायेगा कि वह फ्लैट लेने की तय योग्‍यता को पूरा करते हैं या नहीं. यह रजिस्‍टेशन फ्लैट की बुकिंग नहीं है और फ्लैट अलॉटमेंट की गारंटी भी नहीं देता है.

मंत्री व अधिकारियों ने शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने से किया था इनकार

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और झारखंड अफोर्डेबल हाउसिंग नीति के पहले हाउसिंग प्रोजेक्ट एसोटेक हिल्स रांची का शिलान्यास 25 जनवरी 2017 दिन सोमवार को हुआ था. इसका निर्माण मोरहाबादी-बोड़ेया रोड में बैंक कॉलोनी के बगल में आरंभ किया गया. प्रथम चरण में 30 माह के अंदर यहां 680 आवास का निर्माण होना तय किया गया था.

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इस कार्यक्रम में नगर विकास विभाग के मंत्री सीपी सिंह मुख्य अतिथि थे. विभागीय सचिव अरुण कुमार सिंह और सांसद महेश पोद्दार को भी आना था. समारोह शुरू होने से पहले करीब 11 बजे सांसद रामटहल चौधरी तो आये, लेकिन कार्यक्रम में शामिल हुए बिना 11.30 बजे लौट गये. इस समय शिलान्यास समारोह की तैयारी हो रही थी.

एसोटेक हिल्‍स प्रोजेक्‍ट पर आरटीआई से मांगी जानकारी

एसोटेक हिल्‍स पर धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद दीपेश कुमार निराला ने रांची नगर निगम से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी है. उन्‍होंने मामले से जुड़े 15 बिन्‍दुओं पर सवाल पूछे हैं और नगर निगम से सूचना मांगी है. दीपेश ने आरटीआई के तहत नगर विकास विभाग से 16 बिन्‍दुओं पर सवाल पूछकर सूचना मांगी है. दोनों आवेदन में नक्‍शा से जुड़ी जानकारी, इंद्रदेव नारायण तिवारी विवाद समेत कई नए-पुराने मामलों से जुड़ी जानकारी मांगी गई है.

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