एसोसिएशन ने झारखंड सरकार से मांगा बिल्‍डर्स के बकाया 100 करोड़

by

Ranchi: कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर में झारखंड के ठेकेदारों की भी कमर तोड़ दी है. विभागीय काम करने वाले ठेकेदारों ने झारखंड सरकार से सिक्‍यूरिटी डिपोजिट का बकाया मांगा है. यह बकाया 100 करोड़ से भी अधिक है. इसके लिए बिल्‍डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, झारखंड सेंटर ने मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है.

Rohit Agrawal

बीएआई के चेयरमेन रोहित अग्रवाल ने कहा कि संबंधित विभाग से कार्यादेश प्राप्ति पर प्रोजेक्ट आरंभ होने के समय ही विभाग द्वारा संवेदकों के प्रत्येक लेखा चलित बिल में से 5.10 फीसदी तक काटी गई थी. नियमानुसार जमानत राशि को कार्य समाप्ति के एक साल के बाद संवेदकों को वापस करना जरूरी है. उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2016 में झारखण्ड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के गठन के बाद कई विभागों के पूर्व से निर्माणाधीन कार्य निगम के अधीन हस्तांतरित किये जाने के कारण संवेदकों के बिल से काटी गई जमानत राशि तकनीकी कारणों से अब तक नहीं लौटाई जा सकी है, जिसपर शीघ्र संज्ञान लेने की आवश्यकता है.

Read Also  रांची में 400 से अधिक निजी अस्‍पतालों का अवैध संचालन, 76 का मेडिकल लाइसेंस फेल

उन्होंने यह भी कहा कि मूल विभागों में जहां से निगम के गठन से पूर्व संवेदकों को कार्यादेश मिला था और कुछ कार्य संपादित भी हुए थे, वहां अब इंजीनियरिंग सेल और निकासी अधिकारी के कार्यरत नहीं होने के कारण ही संवेदकों की राशि राज्य कोषागार में फंसी हुई है. यह राशि 100 करोड रुपये से अधिक है जिस कारण संवेदक काफी चिंतित हैं. महामारी के इस कठिन दौर में आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.

रोहित अग्रवाल ने सरकार से आग्रह किया गया कि सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़े संवेदकों के बिल में से काटी गई जमानत राशि संवेदकों को यथाशीघ्र लौटाने के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करें. साथ ही विभिन्न विभागों के इंजीनियरिंग सेल द्वारा संबंधित योजनाओं के मद में प्राप्त कुछ अनउपयोगी राशि जो विभिन्न कोषागार में पड़ी हुई है, उसे भी झारखण्ड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के खाते में हस्तांतरित करने की पहल करें. ताकि, निगम द्वारा संवेदकों का भुगतान किया जा सके.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.