प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया अंडमान निकोबार के तीन द्वीपों का नया नाम

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Car Nocobar: अंडमान निकोबार के तीन द्वीपों का नया नाम क्या है? यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बताया और कार निकोबार में मंच से एलान किया. पीएम मोदी ने कहा कि अब से रॉस द्वीप को नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप के नाम से, नील द्वीप को शहीद द्वीप के नाम से और हैवलॉक द्वीप को स्वराज द्वीप के नाम से जाना जाएगा.
सुनामी से उबरने के लिए कार निकोबार के लोगों को रविवार को बधाई दी और कहा कि सरकार अंडमान में लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने पर काम कर रही है. यह द्वीप 2004 में आई सुनामी की चपेट में आया था. द्वीप पर प्रचलित संयुक्त परिवार व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां के लोग देश के अन्य हिस्सों के लिए नजीर पेश कर सकते हैं.
उन्होंने लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है. उन्होंने यहां बीजेआर स्टेडियम में जनता को संबोधित करते हुए कहा, ”यहां लोग लंबे समय से समुद्री क्षरण की समस्या का हल निकालने की मांग कर रहे हैं. मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए एक समुद्री दीवार खड़ी करने का फैसला किया है जिसकी नींव आज रखी जाएगी. ”
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह दीवार जल्द से जल्द बना ली जाएगी और इसके निर्माण में अनुमानित लागत 50 करोड़ रुपये आएगी. अंडमान के किसानों के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोकोनट हस्क का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.
उन्होंने पर्यावरण के संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा के इस्तेमाल की महत्ता पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, ”हम देश को सस्ती और हरित ऊर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. कार निकोबार के पर्यावरण का संरक्षण करते हुए सौर ऊर्जा की संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है. ” उन्होंने कहा कि द्वीप पर 300 किलोवॉट तक की सौर ऊर्जा पैदा करने वाली ईकाई स्थापित की जाएगी.
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के मछुआरों के कल्याण के लिए 7,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य किसानों को वित्तीय रूप से सशक्त करना है. मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि देश का कोई भी कोना और उसके लोग विकास से वंचित ना रहे.
उन्होंने कहा, ”कार निकोबार में लोगों की सुरक्षा के साथ सरकार युवाओं के लिए रोजगार, बच्चों के लिए शिक्षा, बुजुर्गों के लिए चिकित्सा देखभाल और किसानों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करने की कोशिशें कर रही है. ” इससे पहले, प्रधानमंत्री ने कार निकोबार में एक स्मारक पर सुनामी पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी.
अंडमान एवं निकोबार के 3 द्वीपों का नाम बदले जाने की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पोर्ट ब्लेयर में एक कार्यक्रम के दौरान अंडमान एवं निकोबार के तीन द्वीपों के नाम बदलने की घोषणा की. इसमें रॉस आइलैंड का नाम बदलकर नेताजी सुभाषचंद्र बोस, नील आइलैंड का नाम शहीद द्वीप और हैवलॉक आइलैंड का नाम स्वराज द्वीप कर दिया गया है.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री द्वारा तीन द्वीपों का नाम बदले जाने की पुष्टि की. भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, “प्रधानमंत्री ने रविवार शाम ऐलान किया कि अब से रॉस द्वीप को नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप के नाम से, नील द्वीप को शहीद द्वीप के नाम से और हैवलॉक द्वीप को स्वराज द्वीप के नाम से जाना जाएगा. ”
अंडमान एवं निकोबार द्वीप पर सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में तिरंगा फहराया था. प्रधानमंत्री इस महान घटना के 75 साल पूरे होने के अवसर पर अंडमान एवं निकोबार पहुंचे और यहां तिरंगा फहराने के बाद कहा, “सुभाष बाबू ने यहां 75 साल पहले तिरंगा फरहाने का साहसिक कार्य किया था और अब मैं यहां तिरंगा फहरा कर गर्व महसूस कर रहा हूं. ”
प्रधानमंत्री ने रविवार को ही 2004 में आई सुनामी पीड़ितों की याद में बने स्मारक का दौरा किया. साथ ही मोदी ने मस जेट्टी के पास तट सुरक्षा कार्य के लिए और कैम्पबेल बे जेट्टी के विस्तार के लिए आधारशिला भी रखी.

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