मौसम वैज्ञानिक ने कहा- भीषण तबाही मचा सकता है अम्फान तूफान

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New Delhi: कोरोना वायरस का कहर थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है. आए दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. इसी कोरोना संकट के बीच देश एक और संकट का सामना कर सकता है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक एम महापात्र ने बताया कि चक्रवात अम्फान बहुत अधिक खतरनाक है. यह तुफान बड़े स्तर पर तबाही मचा सकता है.

अब यह महाचक्रवात में तब्दील हो गया है

उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘अम्फान’ महाचक्रवात में तब्दील हो गया है और इसके 20 मई को पश्चिम बंगाल के दीघा द्वीपसमूह और बांग्लादेश के हतिया द्वीपसमूह के बीच टकराने की आशंका है. महापात्र ने कहा कि पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 19 और 20 मई को मूसलाधार बारिश होगी जिनमें पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता शामिल हैं. चक्रवात का असर जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर सहित उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों में भी पड़ने की संभावना है.

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पीएम मोदी ने की बैठक

पीएम नरेंद्र मोदी ने अम्फान तूफान को लेकर आज शाम एक महत्वपूर्ण बैठक की है. जिसमें तूफान के आने से पहले की तैयारियों का जायजा लिया. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने भी हिस्सा लिया. इस बैठक में एनडीआरएफ के डीजी ने तूफान को लेकर रेस्पॉन्स प्लान की भी जानकारी दी है.

उन्होंने बताया कि तूफान के इलाके में 25 एनडीआरएफ की टीमें तैनात है जो लोगों को मदद करेगी. बता दें आज मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है अगले 24 घंटे में अम्फान देश के कई राज्यों में भारी तबाही मचा सकता है. जिसके बाद पीएम मोदी की यह महत्वपूर्ण बैठक हुई है.

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छत्तीसगढ़ -पश्चिम बंगाल -ओडिशा के बीच टकराएगा तूफान

तूफान को लेकर मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट का कहना है कि अंडमान सागर से सक्रिय कल शाम तूफान 18 से 20 मई तक बहुत तेज गति के साथ छत्तीसगढ़ से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच टकराएगा. जिसके कारण उसका पहला असर 36 दक्षिणी छत्तीसगढ़ में देखा जाएगा. जबकि इस तूफान का असर 22 मई तक पूरे छत्तीसगढ़ में देखा जा सकता है.

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