विधायक अंबा प्रसाद ने हिन्‍दू संगठन से क्‍यों फेर लिया अपना मुंह?

Ranchi: शनिवार 15 फरवरी 2020 को राजभवन के सामने गजब सीन था. सड़क के बाईं तरफ तीन अलग-अलग संगठन अपनी मांगों को लेकर झारखंड सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं दूसरी ओर हेमंत सरकार का मुख्‍य घटक कांग्रेस पार्टी सड़क के दूसरे तरफ प्रदर्शन कर रही थी. इसमें कांग्रेस के कई मंत्री और विधायक भी मौजूद थे.

वहां का नजारा बड़ा ही रोचक था. सरकार के मुख्‍य घटक दल कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों के सामने तीन-तीन संगठन सरकार को कोसते दिखे और विरोध में नारेजबाजी भी किया.

इस बीच बड़कागांव की युवा विधायक अंबा प्रसाद कांग्रेस की टेंट से बाहर निकलीं ओर झारखंड सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे तीन में से दो संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस दौरान अंबा प्रसाद ने प्रदर्शनकारियों को उनकी समस्‍या का समाधान का आश्‍वासन भी दिया.

यहां अंबा प्रसाद ने एक अन्‍य तीसरे संगठन से मुलाकात क्‍यों नहीं की. इस संगठन के साथ उपेक्षा और भेदभाव क्‍यों हुआ. यह बड़ा सवाल है. जिसका जवाब मौके पर मौजूद विधायक अंबा प्रसाद ने भी नहीं दिया.

बड़कागांव विधायक ने जिस संगठन की उपेक्षा की. वह एक हिन्‍दु संगठन है. वे वहां एनआरसी, एनपीआर का समर्थन कर रहे थे और झारखंड सरकार से इसे राज्‍य में लागू कराने की मांग कर रहे थे. अब यहां सवाल यह भी उठता है कि चुने हुए प्रतिनिधि बिना भेदभाव के लोगों की सेवा का शपथ लेते हैं. जिसे अब सत्‍ता के लोग नजरअंदाज करते दिख रहे हैं.

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