भारत अब रूस से खरीद सकेगा मिसाइल, विधेयक से दूर हुई अमेरिकी बाधा

#Washington: अमेरिकी संसद में बुधवार को नया राष्ट्रीय रक्षा विधेयक पारित हो गया जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. इस विधेयक के पारित होने के साथ ही भारत को रूस से रक्षा मिसाइल एस-400 समेत रक्षा उपकरण खरीदने में जो कठिनाई हो रही थीं वह दूर हो जाएगी. यह जानकारी गुरुवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली.

विदित हो कि अमेरिकी संसद ने राष्ट्रीय रक्षा विधेयक, 2019 पारित कर सीएएटीएस कानून के तहत भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगने की आशंका को निर्मूल करने का मार्ग तलाशा है.

अमेरिका के विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई कानून (सीएएटीएसए) के तहत उन देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाते हैं जो रूस से महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की खरीद करते हैं. इस विधेयक में सीएएटीएसए के प्रावधान 231 को समाप्त करने की बात कही गई है. समाचार चैनल फॉक्स न्यूज के मुताबिक, अमेरिकी सीनेट ने 2019 वित्त वर्ष के लिए जॉन एस मैक्केन नेशनल डिफेंस अथॉराइजेशन एक्ट (एनटीएए) (रक्षा विधेयक) 10 मतों के मुकाबले 87 मतों से पारित कर दिया. यह विधेयक प्रतिनिधि सभा में पिछले सप्ताह ही पारित हो चुका है. अब यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद कानून बन जाएगा.

इस बारे में व्हाइट हाउस में राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य रहे जोसुआ व्हाइट ने बताया कि सीएएटीएसए के नये संशोधित प्रावधानों को कानूनी रूप मिलने के बाद भारत को रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदना आसान हो जाएगा. हालांकि, उनका कहना है कि कानून की भाषा बेहद कठोर लग रही है, लेकिन रूस से रक्षा खरीद करने वाले देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने वाले प्रावधानों को काफी नरम कर दिया गया है. नये रक्षा विधेयक में एक प्रावधान है जिसके तहत अमेरिका और अमेरिकी रक्षा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण साझेदार को राष्ट्रपति एक प्रमाण पत्र जारी कर सीएएटीएसए के तहत प्रतिबंधों से छूट दे सकता है.

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