प्रियंका के धमाकेदार एंट्री के बाद Jharkhand कांग्रेस चौगुने जोश में, मीडिया प्रभारी ने कहा- जो सबसे बड़ी पार्टी होगी, CM उसी का

Ranchi: पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार और तीन राज्‍यों में कांग्रेस की सरकार बन जाने के बाद कांग्रेस में पहले ही जोश भर दिया था. वहीं अब कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के बहन प्रियंका गांधी के पॉलिटिक्‍स में एंट्री के बाद झारखंड में चुनावी माहौल में पार्टी का उत्‍साह और बढ़ गया है. कांग्रेस की राजनीति की बदलती हवा का असर यहां के गठबंधन पर भी नजर आ रहा है. कल तक यहां की झारखंड प्रदेश कांग्रेस हेमंत सोरेन को विपक्षी महागठबंधन का नेता एक सुर में मानने को तैयार थे. अब कांग्रेस का कहना है सीएम तो उसी दल का होगा जो चुनाव बाद सबसे बड़ी पार्टी होगी.

सुबोध ने कहा- हेमंत महागठबंधन के नेता

विपक्षी दलों की पिछली बैठक में हेमंत सोरने को झारखंड में महागठबंधन का नेता ऐलान किया गया था. इसमें कांग्रेस भी शामिल थी. लेकिन इस फैसले से कांग्रेस के सभी बड़े कद्दावर नेता सहमत नहीं हैं. एक ओर पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांगेस नेता सुबोधकांत सहाय हेमंत सोरेन को गठबंधन का नेता मानने के पक्ष में हैं.

सुबोध कांत सहाय, पूर्व सांसद, कांग्रेस

सुबोधकांत सहाय रांची संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे हैं और यूपीए शासन में केंद्रीय मंत्री रहे हैं. उनका कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में पहले ही बहुत साफ कह दिया है भावी गठबंधन के हमारे नेता हेमंत सोरेन ही रहेंगे. इस निर्णय में कोई बदलाव नहीं हो सकता.

हेमंत के नाम पर फैसला बाकी

झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने हेमंत सोरने को विपक्षी महागठबंधन का नेता मानने से फिलहाल साफ इनकार कर दिया है. उन्‍होंने कहा है कि आने वाले दिनों में यह फैसला होगा कि विपक्ष का नेता कौन होगा और किसे क्‍या जिम्‍मेदारी दी जाएगी.

राजेश ठाकुर, मीडिया प्रभारी, कांग्रेस

राजेश ठाकुर ने बताया प्रियंका गांधी के राजनीति में सीधे तौर पर जुड़ने का कांग्रेस को फायदा मिलेगा. अभी गठबंधन के लिए सभी विपक्षी दलों के साथ बैठक हुई है. सभी दलों की अपनी-अपनी बातें आ रही हैं. सभी लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे. लेकिन, लोकसभा चुनाव के लिए हम सबसे बड़ी पार्टी हैं. उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस के लिए नेतृत्‍व का चेहरा मायने नहीं रखता है. पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का कोई चेहरा नहीं था.

उन्‍होंने कहा कि हम हाईकमान से महागठंधन को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं. अगर, हेमंत सोरेन महागठबंधन के नेतृत्‍व करते हैं तो यह जरूरी नहीं कि वह मुख्‍यमंत्री का चेहरा भी होंगे. चुनाव के बाद महागठंधन का जो सबसे बड़ी पार्टी होगी, मुख्‍यमंत्री उसी पार्टी से होगा.

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