Jharkhand Election: जिस रामगढ़ सीट के लिए आजसू से हुआ दो-दो हाथ, वहां उम्मीदवार तय नहीं कर पा रही भाजपा

Ramgarh: विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही रामगढ़ सीट पर भाजपा और आजसू (AJSU vs BJP) की रार लोगों ने देखी. कभी भाजपा नेताओं ने बैठक कर आजसू पर यह सीट छोड़ने का दबाव बनाया, तो कभी आजसू ने सीधे तौर पर भाजपा की बयानबाजी से कोई मतलब नहीं रखने की बात कही. अंत में भाजपा और आजसू का गठबंधन टूट गया.

अब रामगढ़ विधानसभा सीट इन दोनों दलों के लिए मूंछों की लड़ाई में बदल गयी है. एक ओर आजसू पिछले डेढ़ महीने से अपने उम्मीदवार सुनीता चौधरी को जिताने के लिए दिन रात कड़ी मेहनत कर रहा है. वहीं, भाजपा ने अभीतक किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.

शनिवार देर रात  विपक्षी गठबंधन की ओर से कांग्रेस ने रामगढ़ सीट से आंदोलनकारी नेत्री ममता देवी पर दांव खेला है.

रामगढ़ विधानसभा सीट का चुनाव इसबार त्रिकोणीय मुकाबले की वजह से काफी दिलचस्प होने वाला है. या यूं कहे कि पूरे प्रदेश में रामगढ़ विधानसभा सीट को लेकर सभी राजनीतिक दलों की निगाह रहेगी. इसकी एकमात्र मुख्य वजह आजसू के वर्तमान गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी हैं. चौधरी ने पत्नी सुनीता चौधरी को लगभग दो महीने पहले ही रामगढ़ विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया था.

यहां तक कि आजसू कार्यकर्ताओं के द्वारा उन्हें अभी से ही जीत सुनिश्चित करा दी गई है. हर कार्यक्रम में सुनीता चौधरी को भावी विधायक भी बताया जा रहा है. इस सीट को लेकर भाजपा ने यह बयान जारी किया था कि जब लोकसभा चुनाव में पार्टी ने लगातार पांच बार जीता हुआ गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र आजसू को दिया तो 3 बार जीता हुआ रामगढ़ विधानसभा सीट आजसू भाजपा के लिए क्यों नहीं छोड़ रहा है.

इस मुद्दे को लेकर भाजपा और आजसू नेता अब आमने-सामने चुनाव लड़ने को तैयार हैं. यहां पूर्व मंत्री और वर्तमान गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी का सम्मान दांव पर लगा हुआ है. वहीं भाजपा और महागठबंधन आजसू के इस गढ़ पर सेंध लगाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार है.

चर्चा है कि चंद्रप्रकाश चौधरी अपनी पत्नी सुनीता चौधरी और बड़कागांव विधानसभा के उम्मीदवार रोशन लाल चौधरी का नामांकन 22 नवंबर को कराने जा रहे हैं. वहीं महागठबंधन की प्रत्याशी ममता देवी और बड़कागांव विधानसभा की उम्मीदवार अंबा प्रसाद भी 22 नवंबर को ही अपना नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे.

इस चुनाव को लेकर अभी तक भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं. अगर भाजपा रामगढ़ विधानसभा सीट से कोई बड़ा दांव खेलती है, तो यहां का चुनाव काफी दिलचस्प बन जाएगा.

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