विजयादशमी के मौके पर शस्त्र पूजा के बाद राजनाथ ने राफेल में भरी उड़ान

Paris: फ्रांस ने विजयदशमी के मौके पर पहला राफेल लड़ाकू विमान सौंप दिया. विमान निर्माता कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक ट्रेपर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पहला विमान अधिकारिक रूप से सुपूर्द किया. इसके बाद उन्होंने इस विमान की शस्त्र पूजा की और इसमें करीब आधे घंटे तक उड़ान भरी.

विमान हस्तान्तरण समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि राफेल फ्रांसिसी शब्द है जिसका अर्थ होता है हवा का झोंका. साथ ही उन्होंने कहा कि वह आश्वस्त हैं कि यह लड़ाकू विमान अपने नाम के अनुरूप खरा उतरेगा.

राजनाथ ने कहा कि आज भारत और फ्रांस के बीच सामरिक संबंधों में नए आयाम स्थापित हुए हैं. वह थोड़ी देर में इस विमान में उड़ाने भरने की ओर देख रहे हैं और जो उनके लिए नए अनुभव और बड़े सम्मान की बात होगी.

उन्होंने कहा कि उनका ध्यान भारतीय वायु सेना की क्षमताएं बढ़ाने और उसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और हथियारों से लैस करने पर केंद्रित होगा. राजनाथ ने उम्मीद जाहिर की कि दसाल्ट कंपनी समय सीमा के अंदर सभी राफेल विमानों  की आपूर्ति कर देगी.

विदित हो कि राफेल विमान का सौदा साल 2016 में हुआ था और साल 2022 तक फ्रांस भारत को सभी 36 राफेल विमानों दे देगा. इस विमान के बेड़े में शामिल होने से भारतीय वायु सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी.

राजनाथ ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. इसी दिन भारतीय वायु सेना की स्थापना हुई थी और पहला राफेल आज ही मिला है. आज दशहरा भी है जो बुराई नर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है, इसलिए यह दिन प्रतीकात्मक है. रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि यह समारोह भारत और फ्रांस के बीच सामरिक संबंधों की गहराई को भी दर्शाता है.

राफेल हस्तांतरण समारोह को निर्माता कंपनी दसाल्ट के सीईओ एरिक ट्रेपर ने भी संबोधित किया. समारोह में भारतीय वायु सेना के प्रमुख आर.के भदौरिया, फ्रांससी रक्षा मंत्री फ्लोंरेंस पार्ली  और दोनों देशों के कईअन्य अधिकारी मौजूद थे.

इससे पहले राजनाथ फ्रांसिसी रक्षा मंत्री पार्ली के साथ सैन्य विमान से मेरीनेक पहुंचे थे. उन्होंने दसाल्ट एविएशन के उत्पादन इकाई का भी दौरा किया जहां सीईओ एरिका ट्रेपर ने उनका स्वागत किया..

इससे पहले उन्होंने फ्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की. राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले राजनाथ फ्रांसिसी रक्षा मंत्री फलोरेंस पार्ली और मैक्रों के रक्षा सलाहकार बर्नाड रोगेल से भह भेंट की थी.

पेरिस पहुंचने के बाद राजनाथ ने ट्वीट कर कहा कि उनके फ्रांस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और आगे ले जाना है.

रक्षामंत्री ने विमान प्राप्ती के बाद कहा कि राफेल वायु क्षेत्र में भारत की ताकत को तेजी से बढ़ाएगा. सिंह ने इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की और कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच ‘रणनीतिक साझेदारी’ को बढ़ाना है. उन्होंने फ्रांस के आर्म्ड फोर्स मंत्री फ्लोरेंस पार्ले की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में राफेल विमान को ग्रहण किया. इस अवसर पर फ्रांस के शीर्ष सैन्य नेतृत्व, निर्माता कंपनी दसॉल्ट एविएशन के अधिकारी और भारतीय अधिकारी मौजूद रहे.

एयर चीफ मार्शल राकेश भदोरिया ने इस रक्षा सौदे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनके नाम के पहले अक्षर का उपयोग कर विमान की संख्या अंकित की गई है. आज भारत को आरबी-001 विमान सौंपा गया. आज ही के दिन भारतीय वायु सेना का स्थापना दिवस भी है. सिंह फ्रांस की तीन दिवसीय यात्रा पर सोमवार को यहां पहुंचे थे. उन्होंने कहा था कि इससे दोनों देशों के बीच सामरिक भागीदारी अधिक मजबूत होगी.

उल्लेखनीय है कि भारत ने 2016 में 59,000 करोड़ रुपये में फ्रांस सरकार से 36 लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा किया था, जिसके तहत पहली खेल के रूप में भारत को चार विमान मिलने हैं. आज सौंपे गए युद्धक विमान के अलावा तीन अन्य विमान भी पूरी तरह तैयार हैं, जो मई 2020 तक भारत पहुंचेंगे. साथ ही भारतीय पायलटों और वायुसेना के अफसरों को फ्रांस में जरूरी ट्रेनिंग भी दी जाएगी. सभी 36 लड़ाकू विमानों के सितम्बर 2022 तक भारत पहुंचने की उम्मीद है.

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