Amazon, Flipkart जैसी e-commerce कंपनियों को 1 अगस्त से बताना होगा किस देश में बना है उत्पाद

New Delhi: चीनी सेना द्वारा सीमा पर की गई हरकत के बाद से ही देश में चीन के खिलाफ गुस्सा है. नतीजा यह है कि लोग चीनी उत्पादों का विरोध कर रहे हैं, यहां तक की सरकार ने भी इस दिशा में पहल करते हुए Amazon और Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वो 1 अगस्त से बेचे जाने वाले उत्पादों पर यह जानकारी दें कि वो किस देश में बना है. डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने ई-कॉमर्स कंपनियों को जुलाई के अंत तक उत्पादों पर उसके सोर्स की जानकारी देने के लिए कहा है. हालांकि, इन ई-कॉमर्स कंपनियों ने इसके लिए थोड़े और वक्त की मांग की है.

कई लोगों को मानना है कि केंद्र सरकार ने चीन की नकेल कसने के लिए नए कदम उठाए हैं ताकि सस्ते आयात पर रोक लगाई जा सके. हालांकि, इन कंपनियों के साथ बैठक में डीपीआईआईटी ने कोई विशेष डेटलाइन तय नहीं की है क्योंकि कंपनियों ने कहा है कि साइट पर मौजूद उत्पादों पर यह जानकारी देने में वक्त लगेगा.

यह भी समस्या

ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ एक समस्या यह भी है कि उन्हें उत्पाद के सोर्स का पता लगाने में भी परेशानी आ रही है. कई ऐसे उत्पाद हैं जिनके सोर्स की जानकारी उपलब्ध नहीं है. कुछ ऐसे प्रोडक्ट हैं जिनका कच्चा माल अन्य देशों से आता है और उन्हें भारत में असेंबल किया जाता है. हालांकि, यह साफ है कि भारत में असेंबल होने वाले उत्पादों को मेड इन इंडिया ही माना जाएगा.

बता दें कि भारत और चीन के सैनिकों के बीच LAC पर हुई झड़प के बाद से ही केंद्र सरकार ने चीनी उत्पादों को लेकर सख्त रुख अपनाया हुआ है. हाल ही में सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर 59 चीयनीज एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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