जॉन अब्राहम ने किया कमाल का आविष्‍कार, चिकन वेस्ट से बनाया बायोडीजल

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केरल के जॉन अब्राहम ने कमाल का आविष्‍कार किया है. उन्‍होंने चिकन वेस्‍ट से बयोडीजल तैयार किया है. जॉन अब्राहम एक पशु चिकित्‍सक है. इस खास तरह के बायो‍डीजल के लिए जॉन अब्राहम को पेटेंट भी मिल गया है.

अब्राहम का यह खास बायो‍डीजल मुर्गे-मुर्गियों के फें‍क दिए गए हिस्‍सों से तैयार किया जाता है. कमाल की तो यह है कि यह बायोडीजल एक लीटर में 38 किलोमीटर का माइलेज देता है. जॉन अब्राहम के बायोडीजल की कीमत डीजल के मौजूदा कीमत के मुकाबले 40 फीसदी कम है. साथ ही करीब 50 फीसदी कम प्रदूषण करता है.

चिकन वेस्ट बायोडीजल का पेटेंट हुआ

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारतीय पेटेंट कार्यालय ने सात जुलाई 2021 को आखिरकार अब्राहम को ‘चिकन के बेकार तेल से बायोडीजल बनाने के लिए’ पेटेंट दे किया. 

जॉन अब्राहम केरल के वायनाड में केरल वेटरिनरी एंड एनिमस साइंसेज यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले यहां स्थित वेटरिनरी कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं. अब्राहम ने इस बायोडीजल का अविष्कार उन्होंने तमिलनाडु वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के तहत नमक्कल वेटरिनरी कॉलेज में अपनी डॉक्टरल रिसर्च के दौरान किया.

सूअर के अपशिष्‍ट पर जॉन कर रहे हैं काम

अब्राहम ने बताया कि इसका पेटेंट मिलने में इसलिए देरी हुई क्योंकि इस अविष्कार में इस्तेमाल किया जाने वाला प्रमुख कच्चा माल मूल रूप से जैविक सामग्री थी. इसके चलते राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण से अनुमति लेने की जरूरत थी.

बता दें कि साल 2009 से 2012 के दौरान, अब्राहम ने ब्रायलर चिकन और मृत पोल्ट्री पक्षियों के कचरे से बायोडीजल के उत्पादन पर अनुसंधान किया था. वर्तमान में वह अपने तीन अन्य छात्रों के साथ सूअर के अपशिष्ट से बायोडीजल तैयार करने पर काम कर रहे हैं.

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