आजसू पार्टी केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक 17 दिसंबर को

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Ranchi: आजसू पार्टी केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक 17 दिसंबर को हरमू, रांची स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रातः 10 बजे से होगी. बैठक में केंद्रीय अध़्यक्ष सुदेश कुमार महतो, सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, विधायक लम्बोदर महतो, पूर्व मंत्री उमाकांत रजक, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, हसन अंसारी, संजय बसू मल्लिक, डोमन सिंह मुण्डा, वायलट कच्छप शामिल शामिल होंगे.

बैठक में सांगठनिक स्थिति एवं केंद्रीय समिति में लिए गए निर्णय पर भावी कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी.

केंद्रीय समिति के बैठक में लिए गए प्रस्ताव-

1. पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर पार्टी चरणबद्ध निर्णायक आंदोलन करेगी.

2. सरना धर्म कोड पर सदन में वृहत चर्चा होनी चाहिए थी यह राष्ट्रीय मुद्दा है. प्रकृति पूजक समाज का अलग धार्मिक पहचान का सवाल है. इसको लेकर पार्टी अलग अलग प्रदेश में रह रहे प्रकृति पूजक समाज के लोगों को गोलबंद करते हुए वहां की सरकार की सहमति की पहल करेगी साथ ही केंद्र सरकार को इससे अवगत कराएगी.

3. झारखण्ड में परिसिमन को लेकर झारखण्ड विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा गया है. आजसू पार्टी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री परिसिमन आयोग एवं चुनाव आयोग से मिलकर झारखण्ड में परिसिमन लागू करने के लिए पहल करेगी.

4. वृहत झारखण्ड अलग राज्य के आंदोलन में बंगाल के पुरूलिया, बांकुड़ा एवं मिदनापुर के लोगों ने जुझारू संघर्ष में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी, जेल गए, जान गवाऐ आज वे अपने आप को उपेक्षित महसुस कर रहें हैं. आजसू पार्टी वृहत झारखंड क्षेत्र के इन जिलों के लोगों के साथ सम्मेलन कर जनमत संग्रह करेगी. आजसू पार्टी इस क्षेत्र के मान, सम्मान, पहचान को अक्षुण्ण रखने के लिए स्वायत्तशासी परिषद गठन करने की मांग करेगी.

5. बैठक में पार्टी के निचले ईकाई से लेकर केंद्रीय समिति तक पुनर्गठन करने एवं नए लोगों को दायित्व देने का निर्णय लिया गया.

6. पार्टी सरकार के चुनावी वादा 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति, बेरोजगारों को रोजगार देने अनुबंद कर्मियों को नियमित करने जैसे कई वादे जो इरादा में नहीं बदले हैं। उसके खिलाफ मुखर होगी.

7. झारखण्ड आंदोलनकारियों के चिंहितिकरण के लिए गठित आयोग, उनको मिलने वाले सम्मान, वर्तमान सरकार में प्राथमिकता सूची में नहीं है. आजसू पार्टी झारखण्ड और झारखण्ड आंदोलनकारियों के सम्मान के लिए संघर्ष करेगी.

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