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तीन तलाक मिला तो रेशमा बन गयी रानी, हिन्दू जीवन साथी का हाथ थामने के बाद बोली- जय श्री राम

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Pilibhit: रेशमा की जिन्दगी में उस समय भूचाल आ गया तथा उसकी जिन्दगी बर्बाद होने की कगार पर आ गयी. जब रेशमा को उसके शौहर ने मामूली बात पर तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया. रेशमा ने अपने शौहर को समझाने की तमाम कोशिशें की. लेकिन, वह बिना हलाला के उसे साथ रखने को तैयार नहीं हुआ.

सुदर्शन न्‍यूज के अनुसार इसके बाद रेशमा ने जो किया वो एक मिशाल बन गया. रेशमा ने इस्लाम त्याग कर अपना नाम रानी रख सनातन को अपना लिया. उसके बाद रानी ने जानकी मंदिर में जयश्रीराम बोलकर हिन्दू रीति रिवाज से शादी कर ली.

मामला उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का है. खबर के मुताबिक़, 29 वर्षीय रानी (रेशमा) पीलीभीत के मोहल्ला देशनगर में जय संतरी देवी मंदिर के पास की रहने वाली है. उसके पिता का नाम मो इस्लाम है.

पीलीभीत की रहने वाली 29 साल की रेशमा ने बताया कि उसकी शादी तीन वर्ष पहले मोहम्मद रईस से हुई थी. शादी के बाद से ही उसका शौहर उसे परेशान करने लगा था. रेशमा ने बताया कि 5 अप्रैल को उसके शौहर ने उसे तलाक दे दिया और मारपीट कर घर से निकाल दिया.

रेशमा और उसके मायके वालों ने कई बार सुलह की कोशिश की. लेकिन, ससुराल वाले तैयार नहीं हुए. ससुराल वालों ने शरीयत कानून के तहत हलाला करने समेत कई शर्तें रख दीं.

बरेली के रामजानकी मंदिर में ही किया धर्म परिवर्तन

इसके बाद रेशमा मो. पकड़िया नौगवां में हिंदू संगठन से जुड़े दीपक राठौर के संपर्क में आयी. रेशमा की आपबीती सुन दीपक ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा तथा जन्म-जन्मान्तरों तक उसका साथ देने का वादा किया. रेशमा ने दीपक का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया तथा उसकी जीवन संगिनी बनने को तैयार हो गयी.

इसके बाद बुधवार को बरेली के प्रेमनगर के रामजानकी मंदिर में रेशमा का धर्म परिवर्तन कराकर उसे रानी नाम दिया गया. इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ की वेदी पर रानी ने दीपक के गले में जयमाला डाल दी तथा प्रभु श्रीराम व जगत जननी मां सीता को साक्षी मानकर जय श्रीराम के नारों के बीच अग्नि के सात फेरे लिये. इस तरह दीपक के साथ जन्म-जन्मान्तरों सहबंधन में बंध गयी.

रेशमा नाम त्याग रानी बनी युवती ने नोटरी शपथ पत्र में स्पष्ट किया कि तीन तलाक दिये जाने के बाद पूर्ण स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाकर दीपू से विवाह किया है. इस मौके पर हिंदूवादी संगठनों के तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे.

सुदर्शन परिवार रेशमा को रानी नाम रख, पूज्य भगवा ओड़कर सनातन स्वीकार करने के लिए हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देता है, साथ ही दीपक राठौर को भी हार्दिक बधाई व मंगलकामनाएं देता है, जिन्होंने न सिर्फ रेशमा को सहारा दिया बल्कि उनके जीवन साथी बने.

बुधवार को रेशमा का उसकी इच्छानुसार धर्म परिवर्तन कराया गया. इसके बाद दीपक राठौर और रेशमा विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए. दोनों को आशीर्वाद के साथ विदा किया. अभी उन्हें प्रमाणपत्र देना है. –पंडित केके शंखधार, अगस्त मुनि आश्रम, छोटी बमनपुरी 

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