17.63 करोड़ ठगी मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं करने का आरोप

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धनबाद के एकता बंधुओं ने ओडिशा की कंपनी से ठग लिए 17.63 करोड़

Ranchi: ओडिशा की कंपनी के साथ झारखंड के धनबाद में 17 करोड़ से अधिक का गबन कर लिया गया. मामला हाईकोर्ट में गया. कोर्ट ने पुलिस को दोषियों पर कार्रवाई का आदेश दिया. लेकिन, कई महीने गुजर जाने के बाद भी धनबाद की पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है. यह कहना है अमरेंद्र सामल का जो मेमर्स कौस्‍तुव मेटल्‍स के जेनरल मैनेजर हैं.

मामले की जानकारी देते हुए मेमर्स कौस्तुव मेटल्स के जेनरल मैनेजर अमरेंद्र सामल ने कहा कि हमारे साथ जिस तरह की ठगी हुई है और इस पर कोर्ट का आदेश के बावजूद पुलिस प्रशासन मुंह फेर रही है. इससे झारखंड के बाहर के निवेशकों के लिए गलत मैसेज जाता है. झारखंड सरकार चाहे जितना भी मोमेंटम झारखंड कर ले. इस तरह के अनुभव के बाद कोई भी निवेशक यहां निवेश नहीं करेगा.  

अधिवक्ता एसके छामरीया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि धनबाद कुमारधुबी निवासी में मेसर्स एकता आयरन एलॉयस प्राइवेट लिमिटेड एवं एकता फेरो एलॉयस के मालिक काजी शकील एकता एवं उनके पुत्र आसिफ एकता ने इलाहाबाद बैंक का करोड़ों रुपया का कर्ज चुकाने के लिए उक्त दोनों फैक्ट्रियों को बचाने के लिए, भुनेश्वर ओडिशा के मेमर्स कौस्तुव मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक प्रभात रंजन मलिक से बेईमानी धोखाधड़ी एवं विश्वासघात कर 17 करोड 63 लाख 17608 रुपये का गबन कर लिया.

उन्‍होंने बताया कि मेमर्स कौस्तुव मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा धनबाद न्यायालय में उक्त काजी शकील एकता और आसिफ एकता के विरुद्ध धोखाधड़ी एवं गबन करने के संबंध में फौजदारी शिकायत वाद संख्या 2362/ 2017 किया एवं उक्त रुपये की वसूली के लिए एक सिविल वाद संख्या 560/ 2017 भी धनबाद न्यायलय में दायर  किया. उक्त शिकायतवाद संख्या 2362/ 2017 में न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने पर काजी शकील एकता एवं उसके पुत्र द्वारा आसिफ एकता द्वारा अग्रिम जमानत आवेदन संख्या 407/18 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज किया.

इसके बाद एकता बंधुओं द्वारा दाखिल जमानत आवेदन संख्या 2829/ 2018  झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 8/3 2019 को एकता बंधुओं के निर्देश देते हुए आदेश दिया कि वह 4 माह के भीतर 4.53करोड़ रुपये कौस्तुव मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में न्यायालय में जमा करें. तभी अग्रिम जमानत की प्रक्रिया पूर्ण कर जमानत ले सकते हैं.

इसके बावजूद एकता बंधुओं ने चार माह बितने के बाद भी झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश का पालन नहीं किया.

अविधवक्‍ता ने बताया कि धनबाद कोर्ट के जज रवि नारायण की अदालत में एकता बंधुओं को गिरफ्तार करने के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया. इसके बावजूद कुमारधुबी पुलिस पदाधिकारी एकता बंधुओं को गिरफ्तार नहीं कर रहे. वहीं दूसरी ओ काजी शकिल एकता द्वारा कुमारधुबी पुलिस की मिलीभगत से झुठा आरोप लगाकर प्रभात रंजन मल्लिक एवं उनके कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है. श्री मल्लिक के द्वारा कुमारधुबी थाना में सभी प्रासंगिक कागजात एवं न्यायालयी आदेशों सहित आवेदन दाखिल कर सच्चाई को उजागर किया गया. पुलिस पदाधिकारी द्वारा श्री मल्लिक एवं उनके कर्मचारियों को गिरफ्तार करने का दबाव एवं साजिश रची जा रही है.

कोर्ट के आदेश होने पर और सही तथ्यों को जानने के बावजूद भी कुमारधुबी थाना के पुलिस पदाधिकारियों  द्वारा काजी शकिल एकता एवं आसिफ एकता को गिरफ्तार नहीं किया गया. पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है. इस पूरे मामले की जानकारी मेमर्स कौस्तुव मेटल्स के जेनरल मैनेजर अमरेंद्र सामल और अधिवक्ता एसके छामरीया ने रांची प्रेस क्लब में मीडिया के साथ साझा किया.

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