ABP News C-Voter Bihar Opinion Poll Survey में एनडीए को बड़ी बढ़त

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New Delhi: बिहार चुनाव के ऐलान के साथ ही चुनाव सर्वे एजेंसियों के रिपोर्ट जारी हो गए हैं. सी वोटर के साथ एबीपी न्यूज ने आज पहले वोट सर्वेक्षण के अपने निष्कर्षों की घोषणा की. सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए को बढ़त मिल सकता है. यहां तीन चरणों में होने वाले हैं.

सी-वोटर सर्वेक्षण में पता चला है कि आम जनों के राय के अनुसार, एनडीए 44.8% वोट शेयर (141 से 161 सीटें) के साथ आगे चल रहा है, जबकि यूपीए 33.4% वोट शेयर (64 से 84 सीट) के साथ दूसरे स्थान पर है. अन्य लोग 21.8% वोट शेयर (13 से 23 सीटें) के साथ तीसरे स्थान पर हैं.

पूर्वी बिहार की सीटों पर जनता का मूड

साल 2015 के विधान सभा की बात करें तो NDA को पूर्वी बिहार में 3 सीटों पर संतुष्ट होना पड़ा था. वहीं यूपीए को पिछली बार 24 सीटों पर जीत मिली थी.

एबीपी न्यूज़ के सर्वे में जनता से हमने पूर्वी बिहार की 27 सीटों को लेकर उनके मिजाज को परखने की कोशिश की. हमारे सर्वे के मुताबिक पूर्वी बिहार की 27 सीटों में NDA को 14 से 18 सीट मिलने का अनुमान है.

यहां देखिए पूर्वी बिहार का अनुमान

NDA- 14 से 18 सीट
UPA- 7 से 11 सीट
OTHERS- एक से तीन सीट

पिछले विधावसभा में किसको मिले थे कितनी सीट

साल 2015 के विधान सभा की बात करें तो NDA को पूर्वी बिहार में 3 सीटों पर संतुष्ट होना पड़ा था. वहीं यूपीए को पिछली बार 24 सीटों पर जीत मिली थी.

साल 2015 में पूर्वी बिहार में वोट प्रतिशत क्या रहा

NDA-34.1 प्रतिशत
UPA- 41.8 प्रतिशत
अन्य- 24.1 प्रतिशत

साल 2020 में पूर्वी बिहार में वोट प्रतिशत का अनुमान

इस बार NDA को 46.2 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. वहीं UPA को पूर्वी बिहार में 31.3 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. अन्य के खाते में 22.6 प्रतिशत वोट पड़ने के आसार हैं.

वोट स्विंग का अनुमान

सर्वे के मुताबिक इस बार पूर्वी बिहार में इस बार NDA के खाते में 12.1 प्रतिशत और UPA के खाते में -10.6 प्रतिशत वोट स्विंग के आसार हैं.

मिथिलांचल में यूपीए को लग सकता है बड़ा झटका

मिथिलांचल वह इलाका है जहां 2015 के विधानसभा में चुनाव यूपीए को बड़ी कामयाबी मिली थी लेकिन इस बार तस्वीर बदल सकती है.

एबीपी न्यूज़ सी-वोटर के सर्वे में ओपिनियन पोल यूपीए  के लिए अच्छी खबर लेकर नहीं आ रहे हैं. बिहार के लगभग हर क्षेत्र में यूपीए एनडीए से पिछड़ रहा है.

बात मिथिलांचल की करें तो यहां यूपीए को तगड़ा झटका लग सकता है. बता दें मिथिलांचल वह इलाका है जहां 2015 के विधानसभा में चुनाव यूपीए को बड़ी कामयाबी मिली थी लेकिन इस बार तस्वीर बदल सकती है.

एनडीए को हो सकता है बड़ा फायदा

एनडीए को यहां 27 से 31 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं यूपीए को 16 से 20 सीटें मिल सकती हैं. अन्य को 2  से 4 सीटें मिलने की उम्मीद है.

2015 में यूपीए को मिली थी कामयाबी

2015 के विधानसभा चुनाव में मिथिलांचल में एनडीए को सिर्फ 5 सीटें मिली थीं जबकि यूपीए ने 45 सीटों पर जीत दर्ज की थी और अन्य के खाते में एक भी सीट नहीं गई थी.

यूपीए के वोट शेयर में भी गिरावट आ सकती है

2015 में एनडीए को 30.4% और यूपीए को 46.7 % वोट मिले थे लेकिन 2020 में एनडीए का वोट शेयर 44.3% जबकि यूपीए का 34.4 % रहने की उम्मीद है.

बता दें पिछले बार लालू और नीतीश ने अपनी दुश्मनी को भुला कर हाथ मिला लिया था. दोनों ने मिलकर एनडीए को चुनौती थी. जबकि इस बार जेडीयू एनडीए के साथ है.

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