25 मौत का जिम्‍मेदार ‘आधार’, क्‍या अब लगेगा ब्रेक

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आधार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पहले कुछ साल पहले आया होता तो कारीमाटी की संतोषी भात-भात करते नहीं मरती. ठीक साल भर पहले 28 सितंबर के दिन 11 साल की संतोंषी कुमारी की मौत भूख से हो गई थी. उसके घर में कई दिनों से अनाज नहीं था. गांव के राशन डीलर ने 8 महीने से इसलिए अनाज देना बंद कर दिया था, क्‍योकिं राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं था. उस समय झारखंड सरकार ने आधार कार्ड बिना लिंक वाले सभी राशन कार्ड को रद्द कर दिया था. कई दिनों से घर में राशन नहीं होने से मां कोयल देवी अपनी बेटी संतोषी कुमारी को भात नहीं खिला सकी थी.

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56  मौत में 25 के लिए ‘आधार’ जिम्‍मेदार

संतोषी की मौत के बाद झारखंड में एक बहस छिड़ गई. एक ओर सासाजिक संगठन आंदोलन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर सरकार बचाव में जुटी थी. मुद्दा गर्म होकर मीडिया की सुर्खियां बनी थी. सामाजिक संगठनों के द्वारा तैयारा आंकड़ों की माने तो पिछले चार साल में 56 लोगों की मौत का कारण भूख बना. इनमें से सबसे ज्‍यादा 42 मौतें साल 2017-18 में हुईं. इन मौतों में 25 मौत ऐसे बताये गए हैं जिसके लिए आधार कार्ड जिम्‍मेदार था. इन आंकड़ों को सामाजिक कार्यकर्ता रितिका खेड़ा और सिराज दत्‍ता ने स्‍वाति नारायन की मदद से तैयार किया है.

इनके मुताबिक भूख से सबसे अधिक मौतें झारखंड और यूपी में हुई हैं. सिराज दत्ता का कहना है कि भारत में भूख से हो रही मौत मीडिया की सुर्ख़ियां नहीं बनती. पिछले चार साल के दौरान भूखमरी से 56 मौतों के बावजूद सरकार की इससे बेरुखी हमें चिंतित करती है. हम लोगों ने यह आंकड़ा मीडिया रिपोर्ट्स और खुद द्वारा संग्रहित तथ्यों के आधार पर तैयार किया है. मरने वाले अधिकतर लोग वंचित समुदायों (आदिवासी, दलित, मुसलमान) से थे.

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फैसले के बाद क्‍या अब लगेगा मौत पर ब्रेक

भूख से मौत के बाद आधार कार्ड को लेकर जिस तरह से एक ओर सरकार और दूसरी ओर सामाजिक संगठन व विपक्ष आमने सामने थे. तब जो तेवर दिख रहे थे. उसके बाद आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के बाद न तो सरकार की आरे से कोई प्रतिक्रिया आई है और न विपक्ष व सामाजिक संगठनों की ओर से. ऐसे में गरीबों की चिंता करने वाले सभी पक्षों की भूमिका, जिम्‍मेदारी और जवाबदेही पर सवाल तो खड़ा होता है. जो यह मान रहे थे कि भूख से मौत के लिए आधार कार्ड जिम्‍मेदार है, उन्‍होंने भी ये नहीं कहा कि अब कम से कम भूख से किसी की मौत नहीं होगी.

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