दिवाली 2020 में 499 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, विशेष फल के लिए लक्ष्‍मी-गणेश की कैसे करें पूजा

भारत समेत दुनियाभर में दिवाली की रौनक है. प्रभु श्री राम की अयोध्या वापसी पर लोगों ने उनका स्वागत घी के दिये जलाकर किया. अमावस्या की काली रात रोशन भी रोशन हो गई. अंधेरा मिट गया उजाला हो गया यानि कि अज्ञानता के अंधकार को समाप्त कर ज्ञान का प्रकाश हर और फैलने लगा. इसलिये दिवाली को प्रकाशोत्सव भी कहा जाता है.

वर्तमान में तो इस त्यौहार ने धार्मिक भेदभाव को भी भुला दिया है और सभी धर्मों के लोग इसे अपने-अपने तरीके से मनाने लगे हैं. हालांकि पूरी दुनिया में दिवाली से मिलते जुलते त्यौहार अलग-अलग नामों से मनाये जाते हैं लेकिन भारतवर्ष में विशेषकर हिंदूओं में दिवाली का त्यौहार बहुत मायने रखता है.

दिवाली 2020 पर क्या करें ?

यूं तो दिवाली पूजा अपने आप में खास होती है, लेकिन इस साल तीन ग्रहों का दुर्लभ संयोग इसे और ज्यादा खास बना रहा है. दिवाली पर गुरु ग्रह अपनी स्वराशि धनु और शनि अपनी स्वराशि मकर में रहेगा. जबकि शुक्र ग्रह कन्या राशि में रहेगा. दीपावली पर तीन ग्रहों का यह दुर्लभ संयोग 2020 से पहले 1521 में बना था. ऐसे में यह संयोग 499 साल बाद बन रहा है.

ज्योतिष शास्त्र में गुरु और शनि को आर्थिक स्थिति मजबूत करने वाले कारक ग्रह माने गए हैं. ऐसे में दिवाली पर यह दो ग्रह अपनी स्वराशि में होने से धन संबंधी कार्यों में बड़ी सफलता का योग बनाएंगे.

– घर की साफ सफाई करें. प्रवेश द्वार पर घी और सिंदूर से ॐ या स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं, रंगोली बनाएं.

– सायंकाल खीलें, बतासे, अखरोट, पांच मिठाई, कोई फल पहले मंदिर में दीपक जला कर चढ़ाएं.

– दिवाली वाले दिन मिट्टी या चांदी की लक्ष्मी जी की मूर्ति खरीदें.

– एक नया झाड़ू लेकर किचन में रखें.

– लक्ष्मी पूजन करें.

– बहियों, खातों, पुस्तकों, पैन, स्टेशनरी, तराजू, कंप्यूटर या वो वस्तु जिसे आप रोजगार के लिए प्रयोग करते हैं उनकी पूजा करें.

दिवाली 2020 शुभ पूजन मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- शाम 5 बजकर 28 मिनट से शाम 7 बजकर 24 मिनट तक.

प्रदोष काल मुहूर्त- शाम 5 बजकर 28 मिनट से रात 8 बजकर 07 मिनट तक.

वृषभ काल मुहूर्त- शाम 5 बजकर 28 मिनट से रात 7 बजकर 24 मिनट तक.

चौघड़िया मुहूर्त में करें लक्ष्मी पूजन-

दोपहर में लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 17 मिनट से शाम को 04 बजकर 07 मिनट तक.

शाम में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त- शाम को 05 बजकर 28 मिनट से शाम 07 बजकर 07 मिनट तक.

रात में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त- रात 08 बजकर 47 मिनट से देर रात 01 बजकर 45 मिनट तक.

प्रात:काल में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त- 05 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तक.

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा की विधि

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का विशेष विधान है. इस दिन संध्या और रात्रि के समय शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा और आराधना की जाती है. पुराणों के अनुसार कार्तिक अमावस्या की अंधेरी रात में महालक्ष्मी स्वयं भूलोक पर आती हैं और हर घर में विचरण करती हैं. इस दौरान जो घर हर प्रकार से स्वच्छ और प्रकाशवान हो, वहां वे अंश रूप में ठहर जाती हैं. इसलिए दिवाली पर साफ-सफाई करके विधि विधान से पूजन करने से माता महालक्ष्मी की विशेष कृपा होती है. लक्ष्मी पूजा के साथ-साथ कुबेर पूजा भी की जाती है. पूजन के दौरान इन बातों का ध्यान दें.

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