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झारखंड के 98 फीसदी वोटर्स को मंजूर नहीं आपराधिक पृष्‍ठभूमि वाले उम्‍मीदवार: रिपोर्ट

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Ranchi: झारखंड में 98 फीसदी वोटर्स को आपराधिक छवि वाले उम्‍मीदवार नहीं चाहिए. एडीआर ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि 98 फीसदी वोटर्स का मत है कि संसद या राज्‍य की विधानसभा में आपराधिक पृष्‍ठभूमि वाले प्रत्‍याशी नहीं होने चाहिए.

एडीआर के सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल 34 फीसदी मतदाता जानते थे कि वह प्रत्‍याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड्स के बारे में जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं.

आपराधिक पृष्‍ठभूमि वाले प्रत्‍याशियों को वोट करने के संबंध में 38 फीसदी मतदाताओं को यह लगता है कि लोग ऐसे प्रत्‍याशियों को इसलिए वोट करते हैं, क्‍योंकि उन्‍हे प्रत्‍याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं होती. वहीं 36 फीसदी ऐसे मतदाता है जो आपराधिक पृष्‍ठभूमि वाले प्रत्‍याशियों को इसलिए वोट करते हैं क्‍योंकि अच्‍छा काम करता है. जबकि 35 फीसदी वोटर्स कहते हैं कि ऐसे प्रत्‍याशियों को इसलिए वोट करते हैं क्‍योंकि उन्‍हें लगता है कि इन प्रत्‍याशियों के खिलाफ गंभीर प्रकृति के मामले नहीं हैं.

एडीआर के सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि आपराधिक पृष्‍ठभूमि वाले प्रत्‍याशी को वोट करने में दूसरा बड़ा कारण यह भी है कि प्रत्‍याशी समान जातिगत या धर्म का है. 34 फीसदी उसके शक्तिशाली होने पर वोट करते हैं. वहीं 34 फीसदी यह भी कहते हैं कि चुनाव में बहुत अधिक धन खर्च करने पर उम्‍मीदवार चुनते हैं.

एडीआर ने यह सर्वे लोकसभा चुनाव 2019 के पहले अक्‍टूबर 2018 और दिसंबर 2018 के बीच किया. सर्वे में झारखंड के 14 लोकसभा सीटों के 7000 वोटर्स के सैंपल लिये गये. इस दौरान लोगों से 10 बड़े मुद्दों से जुड़े 31 सवाल पूछे गये.

इस सर्वे में एडीआर ने लोगों के राय का विष्‍लेशन कर एक रिपोर्ट जारी किया है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 48 फीसदी वोटर प्रत्‍याशी के पार्टी को सबसे जरूरी मानते हैं. 50% वोटर प्रत्‍याशी को को देखकर वोट करते हैं.

एडीआर ने सर्वे में यह भी पाया कि 19 फीसदी मतदाताओं के लिए नकद, शराब, उपहार आदि का वितरण चुनाव में मायने रखता है. साथ ही 84 फीसदी मतदाताओं ने बताया कि उनकी स्‍वयं की राय प्रत्‍याशी को वोट करने के लिए मायने रखती है. 6 फीसदी मतदाता ऐसे भी हैं जो पति या पत्‍नी और उनके परिवार के सदस्‍यों की राय से वोट करते हैं.

मतदाताओं के बड़े मुद्दे और सरकार का प्रदर्शन

एडीआर के झारखंड सर्वे 2018 के अनुसार 47.08 फीसदी वोटर्स के लिए बेहतर रोजगार के अवसर जरूरी है. वहीं 40.08 फीसदी के लिए बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा और 34.51% वोटर्स बेहतर कानून व्‍यवस्‍था जरूरी मानते हैं.

इन सभी शीर्ष प्रा‍थमिकताओं को वोटर्स सरकार के प्रयासों को कारगर नहीं मानते हैं. बेहतर अवसर उपलब्‍ध कराने में 5 में से 2.11 नंबर, स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा में 1.90 और बेहतर कानून व्‍यवस्‍था के लिए वोटर्स ने 5 में से 2.39 नंबर दिये हैं.

वहीं ग्रामीण वोटर्स के शीर्ष प्राथमिकताओं में रोजगार के बेहतर अवसर (47%), कृषि सब्सिडी (42%) और खेती के लिए बिजली (40%) है. इसे पूरा करने में सरकार के प्रदर्शन को ग्रामीण मतदाता रोजगार के बेहतर अवसर को 5 में से 2.15 अंक, कृषि सब्सिडी 2.06 और खेती के लिए बिजली को 2.09 अंक मिले हैं.

इसके अलावे सरकार ने ग्रामीण झारखंड में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा और खनन पर खराब प्रदर्शन किया.

शहरी मतदाताओं के लिए तीन शीष प्राथमिकताओं में बेहतर कानून व्‍यवस्‍था (55%), रोजगार के बेहतर अवसर (48%), स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा (46%) है. इस पर सरकार के प्रदर्शन को शहरी मतदाताओं की शीर्ष प्राथमिकताओं बेहतर कानून व्‍यवस्‍था के लिए 5 में से 2.11 अंक, रोजगार के बेहतर अवसर के लिए 1.99 और बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा को 1.91 पर औसत से कम रेटिंग मिली.

डाउनलोड करें एडीआर की हिन्‍दी रिपोर्ट | Download ADR PDF report in Hindi

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