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80 फीसदी मूलवासी के विकास आधारित नीति बने : आजसू

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#Ranchi: आजसू पार्टी ने अपने मूल सिद्धांतों के अनुरूप 15वें वित्‍त आयोग को कई महत्‍वपूर्ण सुझाव दिये हैं.  पार्टी ने अपने सुझावों में कहा है कि राज्य की ’जनसंख्या’ प्रमुख मानदंडों में से एक है और इसे संघ और राज्यों के बीच धन के विभाजन में महत्वपूर्ण भार दिया जाता है. हम आयोग को न केवल आबादी के आकार पर विचार करना चाहते हैं. हमारे राज्य झारखंड के मामले में, जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा (80 प्रतिशत से अधिक) एसटी, एससी और पिछड़ा वर्ग से संबंधित देशज लोगों पर आधारित है. जिन्हें भेदभाव, उपेक्षा और पिछड़ेपन का लंबा इतिहास का सामना करना पड़ा है. आजसू ने कमीशन से अनुरोध करते हुए कहा है कि झारखंड में और साथ ही अन्य राज्यों में ऐसी आबादी की पिछडेपन पर विचार करें और उनके उत्थान के लिए धन आवंटन में अतिरिक्त मानदंड प्रदान करें.

आजसू ने कहा है कि  आयोग इस राज्य के जीएसडीपी का फिर से मूल्यांकन करे और इस संबंध में झारखंड के लोगों को उनके वास्तविक लाभ प्रदान करे. इससे राज्य के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और स्वच्छता बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए संसाधनों के न्यायिक आवंटन में मदद मिलेगी.

पार्टी ने सुझाव में कहा है कि केंद्रीय पीएसयू की खनन गतिविधियों से राज्य को अर्जित राजस्व के संबंध में 14 प्रतिशत की कम रॉयल्टी दर तक ही सीमित है. जबकि केंद्र में जीएसटी और इन कंपनियों के मुनाफे (लाभांश) दोनों में इसका हिस्सा है. आजसू ने आयोग को इस रॉयल्टी दर को 30 प्रतिशत तक बढ़ाने या पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू मौजूदा मानदंड के अनुरूप पूरी जीएसटी आय तय करने और एकत्र करने का अधिकार देने का आग्रह किया है.

आजसू ने झारखंड के सभी जिला मुख्यालय के रेल सेवा से जोड़ने और रेलवे के बुनियादि ढांचे में सुधार करने का अनुरोध किया है. साथ ही एसईआर मुख्यालय को राज्य में स्थानांतरित करने की भी सिफारिश किया है, ताकि ऑपरेटर राज्य के लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सके.

आजसू ने सिंचाई बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए विशेष अनुदान की मांग की है. कोयला इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), डीवीसी और सेल इत्यादि के मुख्यालय को राज्य में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है, ताकि वह राज्य के भीतर सेवा राजस्व और रोजगार उत्पादन दोनों में मूल्य जोड़ सके.

आजसू ने कहा है कि गैर इमारती लकड़ी वन उत्पादन (एनटीएफपी) सामानों के लिए विशेष रूप से औपचारिक विपणन मूल्य श्रृंखला की स्थापना की जाय जिससे राज्य में वन क्षेत्र के निवासियों को उनकी आजीविका में काफी वृद्धि होगी.

आजसू पार्टी ने अपने सुझाव में कहा है कि डिजिटल इंडिया, अपर्याप्त आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, टेलीकॉम और ब्रॉड बैंड कनेक्टिविटी के कारण केंद्र सरकार का एक और प्रमुख कार्यक्रम राज्य में गंभीर बाधाओं का सामना कर रहा है. आयोग को केंद्र सरकार द्वारा प्रत्यक्ष संसाधन हस्तक्षेप के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष पहल की जाय.

आजसू ने कहा है कि नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन के लिए ’स्मार्ट शहरों’ और ’अमृत योजना’ के लिए आवंटन के साथ शहरी नागरिक निकायों और पंचायती राज संस्थानों के राजस्व को बढ़ाने के लिए लक्षित अनुदान और अनुशंसाएं आवश्यक हैं.

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