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35 पैकेट कंडोम और हथियार के साथ 5 नक्‍सली गिरफ्तार

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Khunti: नक्सलियों के खिलाफ खूंटी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली. पुलिस ने भाकपा माओवादी से जुड़े पांच नक्सली सदस्यों को पुलिस ने ओमटो गांव से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से 35 पैकेट कंडोम के साथ नक्सली संगठन का एक बैनर, एक पिस्टल,चार कारतूस, एसएलआर की एक जिंदा कारतूस, 15 मोबाइल चार्जर और एक बाइक बरामद किया है. गिरफ्तार नक्सलयों के खिलाफ कई मामले पहले से दर्ज हैं. पारा शिक्षक सनिका मुंडा पर जानलेवा हमला से लेकर सामु मुंडा हत्याकांड लेवी व रंगदारी मामले में पुलिस को तलाश थी.

एसपी ने बताया कि गुप्त सूचना पर मारंगहादा थाना क्षेत्र के ओमटो में छापेमारी की गयी. इस छापेमारी में उक्त पांचों नक्सली पकड़े गये. छापेमारी अभियान का नेतृत्व एसडीपीओ आशीष महली एवं पुलिस इंस्पेक्टर राजेश प्रसाद रजक कर रहे थे. एसपी ने बताया कि पकड़े गये लोगो ने कई चौकाने वाले खुलासे किये हैं.

मारंगहादा इलाके में डेढ़ साल में जितने अपराध हुए उनमें इनका हाथ

एसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार नक्सलियों ने बताया है कि मारंगहादा इलाके में पिछले डेढ़ साल के अंदर जितने भी अपराध हुए हैं सभी में इनका हाथ है. एसपी ने बताया कि इस नक्सली दस्ते में 12-14 लोगों का गैंग है. सभी युवा हैं. नक्सली पोस्टर साटने से लेकर हत्या एवं लूट की घटना को अंजाम देने में शामिल रहे हैं. एसपी ने बताया कि पारा टीचर सनिका मुंडा पर जानलेवा हमला करने तथा सामू मुंडा हत्याकांड में इस गैंग का हाथ था. एसपी ने बताया कि मारंगहादा इलाके में कई केस अब तक अन डिडेक्ट थे. इस नक्सली गैंग के गिरफ्त में आने के बाद कई केस सुलझ गये. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों ने पहले खुद का गैंग बनाया था. लेकिन बाद में माओवादियों के प्रभाव में आकर उनके संपर्क में चला गए. तब से इस गैंग ने पुलिस को चकमा देकर एक के बाद एक लूट, लेवी व हत्या के वारदात को अंजाम दिया है.

अफीम की खेती करने से मना करने पर मारा गया था सामू मुंडा

तिलमा गांव के सामू मुंडा को अफीम की खेती नहीं करने की सलाह ग्रामसभा में देना महंगा पड़ गया. गिरफ्तार नक्सली गैंग ने सामू को बीते साल सितंबर में सिर्फ इसलिए मार डाला था कि उसने ग्रामसभा में अफीम की खेती नहीं करने की सलाह ग्रामीणों को दी थी. इसी के बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी. एसपी आलोक ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली गैंग में शामिल लोगों ने स्वीकारा है कि सामू मुंडा ग्रामसभा के माध्यम से अफीम की खेती नहीं करने की सलाह ग्रामीणों को दी थी. हत्या पीड़िहातू में की गयी थी. इससे स्पष्ट है कि अफीम की खेती के पीछे कितना बड़ा रैकेट काम कर रहा है.

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