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चुनावों के बीच झारखंड में बड़ा नक्सली हमला, 4 पुलिसकर्मी शहीद

73वें स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
पं रामदेव पांडेय, सनातन धार्मिक अनुष्‍ठान व ज्‍योतिषीय परामर्श
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Ranchi: झारखंड में विधानसभा चुनावों के बीच बड़ा नक्सली हमला हुआ है. चंदवा थाना क्षेत्र के लुकुईया गांव मोड़ के पास शुक्रवार की रात पुलिस वाहन पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया. इस घटना में जिला पुलिस के एसआई समेत तीन अन्य जवान शहीद हो गए. शहीदों में चंदवा थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर सुकरा उराँव,चालक यमुना प्रसाद, जवान सिकंदर सिंह और शम्भू प्रसाद शामिल है. 

लातेहार जिले के चंदवा थाना अंतर्गत लुकुईया ग्राम के समीप उग्रवादियों व पुलिस के बीच गोलीबारी में पुलिस के एसआई सुकरा उरांव समेत चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए. गोलीबारी में घायल जवान शंभू प्रसाद की रिम्स लाए जाने के क्रम में मौत हो गई. जानकारी के अनुसार पुलिस की हाईवे पेट्रोल वैन आम दिनों की तरह रांची रोड पर पेट्रोलिंग कर रही थी. इसी बीच लुकुईया ग्राम के समीप पहले से घा त लगाए नक्सलियों ने पुलिस की हाईवे पेट्रोल वैन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. वैन में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी गोलीबारी का जवाब दिया और वैन को वापस थाने की तरफ ले आए. नक्सली हमले की सूचना के बाद चंदवा थाना से भारी संख्या में पुलिसकर्मी घटनास्थल की ओर रवाना हुए.

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ इलाका : घटना के बाद पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. पुलिस के सीनियर पदाधिकारी एवं जवान इलाके में रात में ही सर्च अभियान में जुट गए हैं.

लंबे समय बाद टारगेट में आई पुलिस : लातेहार जिले में चुनावी माहौल में लंबे समय बाद पुलिस को टारगेट किया गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि 25 वर्ष पूर्व तक प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादियों की ओर से चुनाव बहिष्कार चरम पर रहता था. उस समय नक्सलियों की ओर से बराबर पुलिस टीम पर हमले किए जाते थे. वर्षों पहले नक्सलियों ने पुलिस बस को बम विस्फोट से उड़ा दिया था. इस घटना में 10 जवान शहीद हुए थे. इस घटना के बाद से नक्सलियों ने चुनाव के दौरान पुलिस पर हमले करने की कई बार कोशिश की लेकिन हर बार पुलिस की कारगर रणनीति के आगे नक्सलियों को विफलता हाथ लगी. शुक्रवार की रात पुलिस पेट्रोलिंग वैन पर हुए हमले ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं.

अचानक हुए हमले से सभी स्तब्ध

सबसे बड़ी बात यह है कि अचानक पुलिस वैन को टारगेट कर हमलावर किस उद्देश्य की पूर्ति करना चाहते थे. इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए हर कोई बेकरार है. घटना के बाद मामले के बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ भी बताने से पुलिस के सीनियर अधिकारी परहेज करते रहे.

15 मिनट पूर्व रास्ते से गुजरे थे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता

स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना से 15 मिनट पूर्व भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता लाल प्रतुल नाथ शाहदेव वहां से गुजरे थे. घटना की जानकारी मिलने पर प्रदेश प्रवक्ता ने इसे अफसोस जनक बताया. श्री शाहदेव ने कहा कि यह घटना सर्वथा निंदनीय है. लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए. घटना में शहीद पुलिसकर्मियों के प्रति मैं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.

घटना की कहानी चश्मदीद की जुबानी

गुमला से अपने घर चंदवा लौट रहे चंदवा के निवासी मेट्रो फोन नामक दुकान के संचालक अनूप कुमार ने बताया कि वे दोनों भाई दो कार मैं सवार होकर अपने परिजनों के साथ चंदवा लौट रहे थे. जब वे लोग लुकुईया गांव के समीप पहुंचे तो देखा कि पुलिस की पेट्रोलिंग वैन खड़ी है और उस पर 2 लोग अत्याधुनिक हथियारों से गोलियां बरसा रहे हैं. हम लोगों को समझ में आया कि उग्रवादी पुलिस को टारगेट कर लिए हैं. इसी बीच मेरे छोटे भाई दिलीप कुमार अपनी कार लेकर घटनास्थल से आगे बढ़ गए. उन्होंने मुझे फोन कर गाड़ी बैक कर पीछे जाने को कहा. तभी मैं गाड़ी रुका तो साथ में हथियार लिए ट्रक सूट पहना हुआ एक व्यक्ति आया और उसने मुझे गाड़ी लेकर आगे बढ़ने को कहा. तो मैंने ईश्वर का नाम लेकर गाड़ी आगे बढ़ा दी और सीधे घर पहुंचा. सकुशल घर पहुंचने के बाद हम लोगों ने ईश्वर और अपने पूर्वजों को नमन किया.

गोलियों की आवाज से बंद होने लगी दुकानें

रांची रोड पर पुलिस वैन पर हुए हमले के दौरान चली गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा. सड़क के किनारे स्थित दुकानों के शटर गिराकर दुकानदार अपने घरों में दुबक गए. देखते ही देखते पूरे गांव समेत आसपास के इलाके में सन्नाटा पसर गया. घरों में दुबके लोग मामले की जानकारी अपने शुभचिंतकों को देकर घटना में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी लेते रहे.

अस्पताल में उमड़ी लोगों की भारी भीड़

घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदवा में लाए जाने की सूचना के बाद भारी संख्या में लोगों की भीड़ अस्पताल परिसर में उमड़ी. चंदवा शहर के दुकानदार, सभी राजनीतिक दलों के नेता एवं समाजसेवियों की टीम अस्पताल में घटना की जानकारी लेती रही. सभी लोगों ने घटना पर अफसोस जाहिर कर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

73वें स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
प्रेम शाही मुंडा, केंद्रीय अध्‍यक्ष, आदिवासी जन परिषद

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