मनरेगा मजदूर को भेजा 3.5 करोड़ जीएसटी पेमेंट का नोटिस

by

Ghatshila (Jharkhand): वाणिज्य कर विभाग ने मुसाबनी के राय पहाड़ी गांव निवासी 198 रूपए रोज कमाने वाले मनरेगा मजदूर लादुम मुरमू को 3:50 करोड़ रुपए जीएसटी भुगतान का नोटिस भेजा है. नोटिस अवधि गुजर जाने के बाद भी लादुम ने पैसे जमा नहीं किए, तो गुरुवार को पुलिस गांव की उसे हिरासत में ले लिया. लेकिन, उसकी हालत देखकर और गांव वालों के विरोध के बाद उसे छोड़ दिया.

पता चला कि उसके आधार कार्ड पैन कार्ड और बैंक पासबुक का गलत इस्तेमाल कर मेमर्स एसएस स्‍टील के नाम से फर्जी कंपनी बनाकर व्यवसाय किया गया. जीएसटी अधिकारियों ने भी बिना भौतिक सत्यापन की कंपनी को जीएसटी नंबर अलाट कर दिया.

इसे भी पढ़ें: 10वीं-12वीं बोर्ड के झारखंड टॉपर्स को दिया कैश रिवॉर्ड, सीएम बोले- विदेश में पढ़ाई करने वालों को सरकार करेगी सहयोग

5.58 करोड़ की स्‍टील बेची

इस कंपनी ने साल 2018-19 के नवंबर-दिसंबर माह में त्रिनेत्र ट्रेडर्स, ओमकार ट्रेडर्स, त्रिनाथ इंटरप्राइजेज, आलम मेटल स्टोर, सिंधुजा स्‍टील और सुभद्रा को कुल 87 ई-वे बिल के जरिए 5 करोड़ 58 लाख ₹5408 की स्‍टील बेची गई. लेकिन इस लेनदेन का जीएसटी भुगतान नहीं किया गया. इसके एवज विभाग ने उक्त कंपनी के मालिक को नोटिस भेजा. अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है.

लादुम मुर्मू ने कहा 2018 में उसके भतीजे बैला मुर्मू ने कहा था कि सरकार उसके खाते में हर महीने ₹2000 जमा करेगी. उसे सहकारिता विभाग का पासबुक, आधार कार्ड और पैन कार्ड जमा करना होगा. उसने भतीजे को कागजात दे दिए. बैला मुर्मू ने सारे कागजात अपने दामाद गोलूडीह निवासी सोनाराम को सौंपा. सोनाराम ने जमशेदपुर के सोनारी निवासी सुशांत कुमार सामंतो को दे दिया. इसके बाद उसका क्या हुआ पता नहीं.

इसे भी पढ़ें: रांची मेयर का पलटवार- अल्पसंख्यक समुदाय को भाजपा के खिलाफ भड़का रही है जेएमएम

मनरेगा मजदूर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

उसके खाते में तो अब तक पैसे नहीं आए. लेकिन, पिछले साल सितंबर में वाणिज्य कर अधिकारी उसके पास पहुंचे और 3.5 करोड़ रुपए जुर्माना भरने को कहा. नहीं भरने पर वाणिज्य कर के सहायक आयुक्त कंचन बरवा की शिकायत पर जीएसटी अधिनियम की धारा 70 और आईपीसी की धारा के तहत मुसाबनी थाने में केस दर्ज हुआ. जमशेदपुर के जीएसटी कोर्ट में उसका बयान दर्ज हुआ. उसे कंपनी के बारे में सवाल किए गए. उसने कंपनी बनाने और लेन-देन की बात से इंकार किया.

इसे भी पढ़ें: रांची में कोविड-19 वैक्सीनेशन की तैयारी शुरू, सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को प्रशासन ने दिए जरूरी निर्देश

लादुम ने कहा माफ कर दो नहीं तो हमारा घर द्वार बिक जाएगा

 थाने में लादुम मुर्मू पुलिस के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा जा रहा था. कह रहा था इतना पैसा कहां से देंगे. माफ करो सरकार. इससे तो हमारा घर-द्वार बिक जाएगा. हम मजदूरी करके पेट पालने वाले हैं. इतने बड़े कारोबार का सपना भी कभी नहीं देखा है. मैं निर्दोष हूं मामले की जांच कराइए. लादुप की पत्नी का कुछ साल पहले निधन हो गया था. उसका एक बेटा है.

1 thought on “मनरेगा मजदूर को भेजा 3.5 करोड़ जीएसटी पेमेंट का नोटिस”

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.