IIT Madras के 25 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट्स में मिला 1 करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज

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IIT Madras के 25 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट्स में मिला 1 करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज
IIT Madras के 25 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट्स में मिला 1 करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज

देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT), मद्रास में मौजूदा एकेडेमिक ईयर के प्लेसमेंट्स में 25 स्टूडेंट्स को एक करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज मिला है. इस वर्ष इस इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स को कुल 445 ऑफर्स मिले हैं. इनमें प्री-प्लेसमेंट ऑफर्स शामिल हैं. यह प्लेसमेंट सेशन के पहले दौर में इंस्टीट्यूट के लिए सबसे अधिक ऑफर्स हैं. यह आंकड़ा पिछले वर्ष से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है. 

IT सेक्टर में पिछले कुछ महीनों से कई कंपनियों ने छंटनी की है. पिछले कुछ वर्षों में इस इंस्टीट्यूट में कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट्स को अन्य ब्रांचेज की तुलना में पहले प्लेसमेंट मिला है. इस वर्ष कंप्यूटर साइंस में रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स की संख्या बढ़कर 159 हो गई. इन स्टूडेंट्स के लिए प्लेसमेंट ऑफर्स भी बढ़े हैं.

IT सेक्टर में मुश्किलों के बावजूद इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स के लिए प्लेसमेंट ऑफर्स बढ़कर 93 और एवरेज पैकेज 41.72 लाख रुपये पर पहुंच गया. इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट के लिए 15 इंटरनेशनल ऑफर्स मिले हैं. ये ऑफर्स देने वाली कंपनियां मैकिंजी, अर्न्स्ट एंड यंग, एमेजॉन और एक्सेंचर हैं. इस संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि प्लेसमेंट कुछ महीने और चलने की उम्मीद है. 

पिछले वर्ष इंस्टीट्यूट के प्लेसमेंट्स में स्टूडेंट्स को 480 से अधिक कंपनियों से 1,491 ऑफर्स मिले थे. इनमें सबसे अधिक पैकेज 2.14 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का था. नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) की रैंकिंग में IIT, मद्रास देश के टॉप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स में शामिल है. 

इस इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स ने पिछले वर्ष पहली बार ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए स्टूडेंट काउंसिल इलेक्शन करवाए थे. इंस्टीट्यूट के सेंटर फॉर इनोवेशन (CIF) से Webops और Blockchain Club के स्टूडेंट्स ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिससे ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल कर इलेक्शन करवाया जा सकता है.

इस तकनीक का इस्तेमाल सरकारी प्रक्रियाओं की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए भी किया जा सकता है. ब्लॉकचेन एक बदला नहीं जा सकने वाला डिस्ट्रिब्यूटेड डिजिटल लेजर होता है. इस पर जो भी ट्रांजैक्शन होती है उसे ‘ब्लॉक’ के तौर पर रिकॉर्ड किया जाता है. एक ब्लॉक में जो जानकारी होती है वह पिछले ब्लॉक से जुड़ी होती है. इसमें ट्रांजैक्शन की एक चेन बनती है जिसे ब्लॉकचेन कहा जाता है. 

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