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झारखंड में 18 लाख किसान 5 माह से कर रहे इंतजार, कर्जमाफी कब करेगी हेमंत सरकार

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Ranchi: झारखंड में झामुमो-कांग्रेस की मौजूदा सरकार ने विधानसभा चुनाव में किसानों की कर्जमाफी का वादा किया था. सूबे में नई सरकार को बने 5 महीने हो गए. चुनाव घोषणा पत्र में किसानों से कर्जमाफी का किया गया वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है. वहीं दूसरी ओर राष्‍ट्रीय पटल पर राहुल गांधी कर्जमाफी के इसी मुद्दे को उठा रहे हैं.

झारखंड में किसानों की कर्जमाफी 5 महीने में भी पूरी नहीं हो सकी है, जबकि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्यों में सरकार बनने से महज दस दिनों के अंदर किसानों की कर्जमाफी वाले वादे को अमलीजामा पहना दिया.

झारखंड में सत्‍ताधारी दोनों घटक दलों ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में किसानों के लोन माफ करने का वादा किया था. जेएमएम ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कहा था कि किसानों और खेतिहर मजदूरों का कर्ज माफ किया जाएगा. इसी तरह कांग्रेस ने भी घोषणा पत्र में वादा करते हुए कहा था कि दो लाख रुपए तक के कृषि ऋण तुरंत माफ करेंगे, लेकिन अब 5 महीने के बाद किसान कर्जमाफी के इंतजार में हैं.

झारखंड में 18 लाख किसानों पर 7,061 करोड़ कर्ज

मुख्यमंत्री हेमंत सोरन दिसंबर 2019 में सत्ता पर काबिज हुए थे, अब मई 2020 चल रहा है. किसान क्रेडिट कार्ड के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में 17.84 लाख किसानों ने कर्ज लिए हैं. किसानों पर 7,061 करोड़ के करीब कर्ज हैं. हेमंत सोरेन की नेतृत्व वाली सरकार ने बजट में दो हजार करोड़ रुपये की किसान ऋण माफी का प्रावधान रखा था. लॉकडाउन में अब किसानों की हालत और भी खराब हो गई है, ऐसे में उनके कर्जमाफी को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

वादा करने से पहले खाली खजाने के बारे में क्यों नहीं सोचा?

झारखंड के वित्त मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव कई बार राजस्व कमी की बात कह चुके हैं. उनका कहना है कि व्यापार, खनन, उद्योग-धंधे बंद होने के कारण राज्य सरकार के लिए आमदनी के सारे स्रोत बंद हैं. पिछली सरकार में मंत्री रहे सरयू राय ने भी पिछले दिनों कहा था कि सरकार के पास कर्मियों के वेतन के लिए भी पैसे नहीं. ऐसे में हेमंत सरकार के लिए भी किसानों को राहत देना एक बड़ी चुनौती है.

खजाने में पैसा नहीं और बजट में कर दिया दो हजार करोड़ रूपये का प्रावधान

हेमंत सोरेन ने अपने बजट में दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है, जिसके तहत झारखंड के छोटे और सीमांत किसानों के ऋण माफी की तैयारी शुरू कर दी गई है. लॉकडाउन के बाद कर्जदार किसानों को लोन से मुक्ति मिल सकेगी. माना जा रहा है कि अगले तीन माह में किसानों का ऋण माफ करने की योजना की दिशा में सरकार काम कर रही है, जिसके तहत उन्हीं किसानों को शामिल करने की योजना है जिन्होंने 50 हजार रुपए तक का लोन ले रखा है.

साभार: उज्‍जवल दुनिया इनपुट के साथ

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