राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेगी कांग्रेस समेत 16 पार्टियां

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New Delhi: संसद के बजट सत्र की आज से शुरुआत होने जा रही है. सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से होगी. इससे पहले केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष लामबंद नजर आ रहा है. कांग्रेस समेत 16 राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बायकॉट करने का फैसला किया है.

कांग्रेस, एनसीपी, नेशनल कांफ्रेंस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, आम आदमी पार्टी, आरजेडी, समाजवादी पार्टी, रालोद, माकपा, भाकपा, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, आरएसपी, पीडीपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस (एम) और एआईयूडीएफ ने ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करने के फैसला लिया है. हालांकि इस लिस्ट में बीएसपी का नाम शामिल नहीं है.

कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने बताया कि 16 राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बायकॉट का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर 16 राजनीतिक दल राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार कर रहे हैं, जो कल दिया जाएगा. इसका मुख्य कारण तीनों कृषि कानूनों को विपक्ष के साथ बिना बहस के पारित करना है.

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इसे लेकर एक ज्वाइंट स्टेटमेंट भी जारी किया गया. इसमें कहा गया है कि भारत के किसान तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, जिन्होंने कृषि के लिए एक खतरा पैदा कर दिया है, जबकि कृषि पर भारत की 60 फीसदी जनसंख्या निर्भर है. सर्दी, बारिश और कोहरे के बीच 64 दिनों से दिल्ली के बॉर्डर पर किसान बैठे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं. 155 किसानों ने अपनी जान गंवाई है. वहीं केंद्र सरकार इसका जवाब आंसू गैस के गोले, वाटरकैनन और लाठीचार्ज से दे रही है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं.

ये पार्टियां करेंगी राष्ट्रपति कोविंद के अभिभाषण बहिष्कार

कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), डीएमके, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), शिवसेना, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, सीपीआई (एम), आईजेएमएल, आरसीपी, पीडीपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस, एआईयूडीएफ. इसके अलावा अकाली दल और आम आदमी पार्टी भी बहिष्कार करेगी.

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