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दुनिया की सरकारों से क्‍यों लड़ रही है 11 साल की रिद्धिमा पांडे

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रिद्धिमा पांडे 11 साल की एक सामान्‍य परिवार की लड़की है. लेकिन इसके काम से पहचान अंतर्राष्‍टीय स्‍तर पर हो गई है. रिद्धिमा के पिता दिनेश चंद्र पांडे वाइल्ड लाइफ़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (Wildlife Trust of India) नाम की एक एनजीओ में काम करते हैं और मां विनीता पांडे वन विभाग में काम करती हैं. इन्‍हीं की प्रेरणा से रिद्धिमा पांडे ने 16 बच्‍चों के साथ मिलकर कई देशों के सरकार के खिलाफ यूएन में शिकायत दर्ज कराई थी. 16 बच्चों द्वारा दायर की गई याचिका में लिखा था कि तुर्की, अर्जेंटीना, जर्मनी, फ्रांस और ब्राजील ने ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिये पर्याप्त कदम न उठा कर मानवाधिकारों का हनन किया है.

इसके साथ ही रिद्धिमा भारत सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक जा चुकी हैं. वह उत्तराखंड की रहने वाली हैं. रिद्धिमा पांडे का कहना है कि वो ये लड़ाई इसलिये लड़ रही हैं, क्योंकि देश के नेता इसे लेकर ठोस कदम नहीं उठा रहे. दुनियाभर की स्थिति को देख कर उन्हें बुरा लगता है.

भारत सरकार के ख़िलाफ़ NGT में केस

2017 में रिद्धिमा पांडे ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्याप्त काम न करने पर भारत सरकार के ख़िलाफ़ नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर कर दी थी. याचिका में कहा गया था कि प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को रोकने में सरकार नाकाम रही है और एनजीटी से मांग की गई थी कि वह सरकार को और ज़्यादा प्रयास करने के निर्देश दे.

रिद्धिमा पांडे के पिता दिनेश चंद्र पांडे बताते हैं कि एनजीटी में दायर 52 पन्ने की याचिका में जलवायु परिवर्तन के भारत पर प्रभाव के बारे में बताया गया था. इसकी वजह से फ़सलों पर प्रभाव पड़ रहा है, हिमालय के ग्लेशियर गल रहे हैं, सुंदरवन के मैन्ग्रोव कम हो रहे हैं और पानी बढ़ रहा है, बहुत सारे जलजीव नष्ट हो गए हैं और इंसानों को बहुत सारी बीमारियां हो रही हैं. याचिका में यह भी कहा गया था कि कार्बन एमिशन को कम करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से काम नहीं किया जा रहा. देश में बहुत सारे पर्यावरण कानून हैं लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा.

इसी साल जनवरी में एनजीटी ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि सरकार अपनी तरफ़ से पूरा काम कर रही है और पेरिस एग्रीमेंट को लागू करने की पूरी कोशिश कर रही है, इसलिए सरकार को और निर्देश देने की ज़रूरत नहीं है. रिद्धिमा की ओर से इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है, जिस पर सुनवाई होनी बाकी है.

संयुक्त राष्ट्र में याचिका

एनजीटी में तो केस ख़ारिज हो गया लेकिन इस मामले ने पर्यावरण के लिए काम करने वाली दो अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं Hause Feld और Airthjustice का ध्यान खींचा. इन संस्थाओं की ओर से दुनिया के 15 बच्चे पहले ही संयुक्त राष्ट्र में याचिका दायर करने जा रहे थे जिनके देशों में जलवायु परिवर्तन के असर दिख रहे हैं और भविष्य की तस्वीर बेहद डरावनी नज़र आ रही है. इन संस्थाओं ने रिद्धिमा के वकीलों से उनके पिता का नंबर लिया और रिद्धिमा से बात की.

दिनेश चंद्र पांडेय बताते हैं कि इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने वीडियो कांफ्रेंस के ज़रिए रिद्धिमा से करीब डेढ़ घंटे तक बात की. उन्होंने भारत में जलवायु परिवर्तन के असर, पर्यावरण को लेकर बहुत से सवाल किए और विषय को लेकर रिद्धिमा की समझ, चिंता को तौला. इसके बाद रिद्धिमा की अनुमति लेकर उन्होंने याचिका में उसका नाम शामिल कर लिया.

ये हैं रिद्धिमा को संयुक्त राष्ट्र तक ले जाने वाले

रिद्धिमा के पिता दिनेश चंद्र पांडे वाइल्ड लाइफ़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (Wildlife Trust of India) नाम की एक एनजीओ में काम करते हैं और मां विनीता पांडे वन विभाग में काम करती हैं. इस संस्था से वह 2001 से जुड़े हुए हैं. वह बताते हैं कि जब रिद्धिमा छोटी थी तब वह उसे लेकर कई बार जंगल में भी चले जाते थे. इससे उसकी जंगलों और वन्य जीवों के प्रति रुचि पैदा हुई, समझ विकसित हुई.

2013 में केदारनाथ आपदा का भी रिद्धिमा पर असर पड़ा और शायद तब उसने पहली बार ‘जलवायु परिवर्तन’ के बारे में सुना. चूंकि रिद्धिमा की रुचि इस विषय में थी इसलिए 2017 में जब पर्यावरण के लिए काम करने वाले मशहूर वकील ऋत्विक दत्ता और राहुल चौधरी ने एनजीटी में याचिका दायर करने पर विचार किया तो उन्होंने इसे रिद्धिमा के नाम से दायर किया.

ऋत्विक दत्ता और राहुल चौधरी ही अब सुप्रीम कोर्ट में रिद्धिमा का केस लड़ रहे हैं. यह कहना ग़लत नहीं होगा कि जिस गाड़ी में सवार होकर रिद्धिमा संयुक्त राष्ट्र तक पहुंची हैं वह उसके पिता दिनेश चंद्र पांडेय और उनके दोस्तों वकील ऋत्विक दत्ता और राहुल चौधरी से मिलकर बनी है.

WIKIPEDIA /BIODETAILS
NameRidhima Pandey
Date of Birth/Born2008
Age11 Years (As of 2019)
OccupationStudent, Climate Change Activist
Famous ForPetition filed before National Green Tribunal for climate change.
Years active2017-Present
Home CityDehradun, Nainital, Uttarakhand
Current CityHaridwar, Uttarakhand, India
Alma materSchool name unknown
studying in 8th Standard
NationalityIndian
ReligionHinduism
Height1.4 m (Approx)
Weight35 Kg (Approx)
Eye ColorDark Black
Hair ColorBlack
ParentsFather-Dinesh Chandra Pandey
Mother- Shri NB Pandey

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